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वो सब कुछ देख रहा है

  वो सब कुछ देख रहा है ☝  वो  सब कुछ  देख रहा है । हाँ वो सब कुछ ☝☝ देख रहा है । ✍✍✍✍✍✍✍✍ उसे  अँधेरी रात में भी दिखता है । उसे बंद दरवाजे  के पीछे भी दिखता है । हाँ  ☝ वो परदों  के पीछे  होने वाले  हर अच्छे बुरे  को देख लेता है । ✍✍✍✍✍✍✍✍  ☝वो असीम है ।☝ ✍✍✍✍✍✍✍✍ तू  क्या  सोचता है । की जो तूने किया  उसे खबर नहीं  उसे , उसे किसी के जरिये कुछ जानने की जरुरत नहीं  वो हर जगह, हर वक्त, हर पल खुद सारे खेलों को देखता है । ✍✍✍✍✍✍✍✍ तेरी हर अच्छाई  तेरी हर बुराई को देख कर  वो तेरे कर्मों का निर्धारण करता है ☝☝☝☝☝☝☝☝ वो अंतर्यामी है । वो ही विधाता है ।  हाँ  हाँ वो ही विधाता है । उसके सामने तेरी कोई चालाकी तेरी कोई होशयारी और ना तेरी कोई  हेरा फेरी चलने वाली है वहाँ तेरे सारे प्रपंच सब व्यर्थ है ।  उसके सामने,  उसके सामने  ना झूठे दावे चलते है । और ना वहाँ कोई रिश्वत चलती है । वहाँ सब सामान है वहाँ  वहाँ सब को एक नजर से देखा जाता है  वो तो समदर्शी है और  हा...