बस यूं ही
बस यूं ही हमारी सुनो । हम जो कहते हैं बस वो सुनो हम जो कहते हैं वो ही बस #सत्य है । बाकी सत्य भी #असत्य है । हमने कभी किसी की सुनी ही नहीं । हमें दूसरों को सुनने की आदत भी नहीं है हमने हमेशा सुनाया ही है, सुना नहीं । हम दरअसल सुनाने के लिए ही पैदा हुए हैं और, और तुम बस सुनने के लिए । हमने जो किया वो समय की दरकार थी,उसके बारे में कुछ भी मत बोलो बस सुनो । उस # अमर्जेन्सी को भूल जाओ । उस का जिक्र भी जुबां पर मत लाओ, जो कभी मेरे आकाओं ने तुम पर थोपी थी, जिसमे वो हर #आवाज दबा दी गई थी जो, जो सत्ता की #खिलाफत में उठी , हर उंगली, जो हमारी ओर उठी, या तो काट दी गई या, या फिर तोड़ दी गई । जो कलम जिसने # तानाशाह सत्ता को ललकारा उस कलम को या तो तोड़ दिया गया, या फिर कैद कर दिया गया, हमारे समय #अभिव्यक्ति की आजादी के कोई मायने नहीं थे। पत्रकार, मीडिया, मीडिया हाउस के सभी अधिकार खत्म कर दिए गए थे उसे गलती से भी मत याद करो उसका जिक्र भी गलत है और जिसने भी हमारी #चाटुकारिता की वो हमारा खास चहेता रहा उसे बड़े बड़े ओहदे, बड़े बड़े सम्मान बड़े बड़े पदक दिए गए उस समय ...